**मलेरिया दिवस पर एक हिंदी कविता**
मलेरिया का दिन आया, जागो सब संजीव,
सावधानी की राह पर, चलें हम सब मिलकर चीव।
रोग ये खतरनाक है, जान ले सकता है,
पर सही जानकारी से, हम इसे हरा सकते हैं।
**क्या है मलेरिया?**
मलेरिया एक बीमारी, मच्छर से होती है,
पल्सीमोडियम नामक परजीवी के साथ होती है।
अच्छा खून चूसने वाला मच्छर, ये फैलाता है,
लोगों को बुखार और ठंडक में डुबोता है।
**कैसे फैलता है मलेरिया?**
मच्छर जब काटता है इंसान को,
खून में जहर घोल देता है, वह काले मच्छर का है काम।
रात को मच्छर सक्रिय होते हैं,
घर की दीवारों के अंदर भी ये आते हैं।
**लक्षण क्या होते हैं?**
सर्दी-गर्मी से बुखार आता है,
सिरदर्द और उल्टी, साथ में कमजोरी का खौफ खाता है।
पसीने में डूबे लोग, चक्कर भी खाते हैं,
गंभीर हो जाए तो जीवन संकट में आते हैं।
**कैसे करें बचाव?**
मच्छरों से बचने का उपाय, पहला तो यह है,
स्वच्छता रखो घर में, जल जमाव से बचें हम।
मच्छरदानी में सोना, यह सबसे सरल तरीका है,
मच्छरों को दूर रखने का, यह महत्वपूर्ण तरीका है।
**मच्छरदानी का उपयोग करें**
रात को सोते वक्त, मच्छरदानी का जाल लाओ,
घर में खड़ी पानी की बाल्टी, तुरंत ढक्कन लगाओ।
पानी जमने से मच्छर अंडे देते हैं,
इन्हें नष्ट कर, हम बचे रहते हैं।
**मलेरिया की दवाइयाँ**
अगर बुखार हो तो डॉक्टर से तुरंत मिलें,
मलेरिया की दवाइयाँ लेकर इसे जल्दी से ठीक कर लें।
दवाइयों के साथ-साथ, सही खानपान का ध्यान रखें,
ताकि शरीर मजबूत रहे, और रोग जल्दी खत्म हो जाए।
**संवेदनशील क्षेत्रों में ध्यान रखें**
गाँवों में मलेरिया का खतरा ज्यादा है,
लेकिन सावधानी से हम इसे कम कर सकते हैं।
मलेरिया के बारे में जागरूकता फैलाएँ,
और मच्छरों को हराने की राह में सब साथ आएं।
**हमारा संकल्प क्या है?**
मलेरिया को हराना है, सब मिलकर हमें काम करना है,
हमें खुद और दूसरों को जागरूक करना है,
ताकि यह रोग दूर हो, और समाज स्वस्थ बन सके।
आओ! मिलकर हम संकल्प लें,
मलेरिया को हराएं, और एक स्वस्थ भविष्य बनाएं।
मलेरिया दिवस का संदेश ये है,
संवेदनशील बनो, और मच्छरों से बचो।
**नारा:**
मलेरिया से बचाव, हमारी जिम्मेदारी है,
स्वच्छता और जागरूकता, हमारी सफलता की कुंजी है।
**हम सब मिलकर इसे हराएँ,**
और स्वस्थ भारत बनाएं।
**समाप्त**